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Maan Ki Baat – 02 : रोजगार के लिए इंडस्ट्री, फैक्ट्री क्यूं चाहिए ? 

Maan Ki Baat

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रोजगार के लिए इंडस्ट्री, फैक्ट्री क्यूं चाहिए ? Maan Ki Baat

मेरा नाम प्रणब बेहेरा, में ओडिशा राज्य की केद्रापडा जिला की एक छोटे से गांव से आता हूं । में अभी संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी कर रहा हूं । अभी के समय पर दुनिया भर लोग तरकी कर रहे हैं उनके लाइफस्टाइल से । कोई नौकरी से तो कोई खुद की बिजनेस से तो और कोई कुछ करके वो तरकी कर रहा है । जो तरकी नही कर पा रहे हैं उनको चाहिए नौकरी । सरकारी नौकरी तो इतना नही मिलेगा तो सभी को चाहिए कुछ ना कुछ रोजगार । रोजगार चाहिए तो देश में इंडस्ट्री, फैक्ट्री तो होना चाहिए । आपको तो मालूम है इंडस्ट्री और फैक्ट्री बनेगा तो मिट्टी खराब हो जायेगा । मिट्टी के साथ परिवेश भी खराब हो जायेगा । इंडस्ट्री और फैक्ट्री के कारण वायु प्रदूषक भी बढ़ेगा । ये सब पता होने की बाद भी लोगों को क्यूं चाहिए इंडस्ट्री और फैक्ट्री ? ये मेरी मन की बात है । चलिए आज चर्चा करते हैं इस बारे में ।

पुराने काल और आज की समय

पुराने काल में भारत में ना कोई इंडस्ट्री था ना कोई फैक्ट्री ना कोई मोटर वाहन यंत्र । जिसके कारण उस समय पर मिट्टी खराब नही होता था । वायु प्रदूषक तो दूर की बात थी । परिवेश इतना स्वच्छ रहता था उस समय पर सारे लोग स्वस्थ रहते थे । पुराने काल में लोग खेती करके घर चलाते थे । जैविक खाना भी खाते थे । जैविक खाना खा कर स्वस्थ रहते थे । लेकिन आज की लोग अकार्बनिक खाना खा रहे हैं और अस्वास्थ्यकर खाना खा कर बीमार से मरते हैं ।

क्यूं होता है अकार्बनिक खेती ?

अकार्बनिक खेती होने की मुख्य कारण आज कल की टेक्नोलॉजी । जितनी तेज से विज्ञान आगे जा रहा है उतनी तेज टेक्नोलॉजी में आगे जा रहा है । विज्ञान और टेक्नोलॉजी सही है समाज के लिए । देश को भी विज्ञान और टेक्नोलॉजी की जरूरत है । लेकिन जिस टेक्नोलॉजी की कारण समाज की नुकसान हो रहा है उस प्रकार की टेक्नोलॉजी नही चाहिए देश को । टेक्नोलॉजी ने अलग अलग यंत्र निकाला अलग अलग काम के लिए । जैसे खेती के लिए निकला ट्रैक्टर और भी यंत्र । ट्रैक्टर के साथ अलग यंत्र को देख कर लोगों को लगा कि ये सारे यंत्र से हमको खेती करने के लिए बहुत आसान हो जायेगा । लोगों ने ये सब यंत्र की मध्यम से खेती को आसान बना दिया जिसकी कारण उनको भी इतनी मेहनत करना नही पड़ा । ट्रैक्टर से जमीन की मिट्टी को हल करने से मिट्टी में जो कीड़े रहते थे मिट्टी को उपजाऊ करने के लिए वो सब ट्रैक्टर की हल से मर गए । ट्रैक्टर की हल से जमीन की मिट्टी भी पहले जैसा नरम नही रहा । फिर जब किसान वोही ट्रैक्टर की हल में खेती किया तो पहले जैसा खेती अच्छा नहीं हुआ । किसान क्या करेगा इतनी खर्चा करके ट्रैक्टर से हल किया था । किसान को मिल गया अकार्बनिक उर्वरक बाजार में । अकार्बनिक उर्वरक को जब जमीन में फेका तो खेती और भी अच्छा हुआ । किसान तो बहुत खुस हो गया । धीरे धीरे वो जैविक को छोड़ दिया और अकार्बनिक उर्वरक को उपयोग किया उसकी खेती में । किसान नही सोचा की में जो अकार्बनिक खेती करके बाजार में दे रहा हूं उसको खाने से लोगो बीमार में पड़ेंगे । किसान सिर्फ खुद के लिए सोचा की उसको तो अच्छा प्रॉफिट हुआ खेती से वो अकार्बनिक खेती क्यूं ना हो । अकार्बनिक उर्वरक से जमीन की मिट्टी में जितने भी कीड़े जो थे वो भी धीरे धीरे खतम होने लग गए । कीड़े जमीन की मिट्टी में रह कर मिट्टी में नाला जैसा बना देते हैं और जब बारिश होता है तो वोही नाला दे कर पानी जमीन की मिट्टी में रहता है । जिसकी बदले खेती अच्छा और जैविक खेती हुआ करता था । लेकिन आज की लोगों ने मिट्टी को खराब कर दिए हैं ऐसे टेक्नोलॉजी से ।

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मिट्टी की कैसे खतम होते जा रहा है ?

अभी बताया आपको कैसे मिट्टी को खराब कर जाता है और भी सुनिए मिट्टी को कैसे खतम भी करा जाता है । जनसंख्या ज्यादा होने के कारण देश में धीरे धीरे एक एक करके बिल्डिंग बनाया जाता है । पेड़ को काट कर मिट्टी को खोद कर बिल्डिंग बनाया जाता है । वोही बिल्डिंग की सीमेंट बारिश में खेती में जा कर खेती की मिट्टी को खराब बना देता है । पहले तो पेड़ को काटा फिर मिट्टी की नुकसान किया और जगह भी कवर कर लिया । पेड़ काटने से कार्बन डाइऑक्साइड की बुद्धि होगा । पेड़ काटने से वन्य जंतु और पक्षी की रहने की मात्रा भी कम हो जायेगा । यहां पेड़ को काटते हो फिर वहां मोटर यंत्र और इंडस्ट्री को बढ़ाते हो । वायु प्रदूषक तो होने से कोन रोकेगा अब । धीरे धीरे करके कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ जायेगा और ऑक्सीजन लेवल कम हो जायेगा । जिसकी कारण धीरे धीरे करके मानव जाति खतम हो जायेगा ।

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अलग देश को देख कर कॉपी करना

ह मानता हूं आज की समय पर पैसा महत्वपूर्ण है लेकिन खुद की जान से पैसा महत्वपूर्ण नही है । पहले ये बताओ भारत जो हमारी देश है ये दुनिया की पहला राष्ट्र है की नही ? संस्कृत दुनिया का पहला भाषा है की नही ? सनातन धर्म दुनिया का पहला धर्म है की नही ? हमारे देश दुनिया का पहला देश है उसके बाद और देश जो है वो सब बाद में बनाया गया है । वैसे अलग देश जो अभी इतना डेवलपमेंट तरकी करता है उनको करने दो वो जैसे हमारे बाद में आए थे वैसे हमारे पहले से उनका सब विनाश होगा । भारत में क्या कभी दूसरे देश की जैसा प्राकृतिक आपदा दिया है क्या । अच्छे से देखो अलग देश में लोग कैसे मरते हैं ? कभी युद्ध से तो कभी प्राकृतिक आपदा आने से । ऐसे प्रकृति की साथ खेलोगे तो प्रकृति भी तुम्हारे साथ खेलेगा ।

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अभी भी समय है बदल जाओ

जीवन जीने के लिए रोजगार तो जरूर है मानता हूं लेकिन क्या सिर्फ इंडस्ट्री करने से हमारी जीवन जीने का द्वार खोल जायेगा । पहले समय में जैसे खेती बाड़ी करके जीवन जीता जा रहा था क्या वो खुस नही थे । अब क्यूं वैसे जीवन जापन नही करते हो ? इतनी सारे बातें आपको बताया क्यूं इंडस्ट्री नही चाहिए आपको समझ में आजाएगा अच्छे से । दूसरे देश को देख कर इतना जो डेवलप करते हो ना वो दिन ना एक दिन तुम्हारा विनाश की मुख्य कारण बनेगा । अभी भी समय है बदल जाओ और सभी को समझाओ । वो दूसरे देश की लोग ऐसे आए हैं कुछ समय के लिए और वो चले जायेंगे संसार से लेकिन ये हमारा भारत युग युग तक रहेगा, यदि हम सब सुधर जाएंगे और समझ जायेंगे तो । नही तो उनके जैसा हमारा भी विनाश बहुत पास है ।

जीवन में जितना भी आगे जाओ ना, कभी भी पीछे को मत भूल जाना । जय जगन्नाथ……..

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